VIDEO: विकास दुबे स’रेंडर या गिरफ्तार? पुलिस की कहानी में झोल ही झोल

उज्जैन: यूपी के कानपुर में पिछले हफ्ते आठ पुलिसकर्मियों को घे’रकर बे’रह’मी से ह#त्या करने वाला आरोपी कुख्यात गैं’ग’स्ट’र विकास दुबे गुरूवार सुबह उज्जैन में गिरफ्तार कर लिया गया है. विकास दुबे को महाकालेश्वर मंदिर के पास से गिरफ्तार किया गया है. कहा जा रहा है कि विकास दुबे स’रेंड’र करने के मकसद से ही मध्य प्रदेश के उज्जैन आया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विकास दुबे यूपी पुलिस के ए’नका’उंटर से बचने के लिए ही एमपी आया था जिसके बाद उज्जैन में महाकाल के दर्शन के लिए पहुंचा था और उसने महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए 250 रुपये का वीआईपी दर्शन का टिकट भी कटवाया था लेकिन उसने स’रेंडर किया या या गिरफ्तार हुआ? इसे लेकर पुलिस की कहानी में झोल ही झोल हैं।

सत्य हिंदी की खबर के अनुसार, मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में विकास दुबे की गिरफ्तारी जिस नाटकीय ढंग से हुई, जिसको लेकर कई सवाल खड़े हो रहे है. मंदिर परिसर में तैनात गॉर्ड के पहचान में आने के बाद विकास दुबे को देखने की सूचनाएं आयीं इसके बाद तत्काल आला अफसरों को अलर्ट किया और पुलिस ने विकास को आसानी से गिरफ्तार कर लिया।

गैं’गस्ट’र विकास दुबे विकास की गिरफ्तारी से ठीक पहले मीडिया भी मौके पर पहुंच गया और मीडिया ने विकास दुबे को गिरफ्तार करने और ले जाने की घटना की रिकॉर्डिंग की। हलाकि मीडिया के सामने पुलिस ने तो कुछ नहीं कहा लेकिन विकास ने खुद आगे आकर जोर से चिल्लाते हुए कहा, ‘मैं विकास दुबे हूं, कानपुर वाला।

सवाल: बुधवार को फरीदाबाद में नजर आया विकास गुरूवार को उज्जैन कैसे पंहुचा?

कानपुर एनकाउंटर केस का मोस्टवांटेड विकास दुबे ने राज्यों की सीमाओं को कैसे पार किया? फरीदाबाद से उज्जैन तक का सड़क मार्ग से रास्ता करीब 12 घंटे का है. और सरगर्मी से तलाश में जुटे पुलिस दलों को उसने आखिर चकमा कैसे दिया? घटना के बाद से ही फरार विकास दुबे को पहली बार हरियाणा के फरीदाबाद के बड़खल चौक पर मौजूद श्री सासाराम होटल में देखा गया है।

लेकिन पुलिस के होटल पहुंचने से पहले ही विकास दुबे वहां से निकल लिया वही होटल के मालिक ने बताया कि यह शख्स साढ़े बारह बजे हमारे होटल में अपने एक साथी के साथ आया. उसने अपना नाम अंकुर बताते हुए थोड़ी देर के लिए रूम लेने की बात कही थी।

जब होटल स्टाफ ने उससे पहचान के लिए कोई दस्तावेज की डिमांड कि तो उसने अपना पेन कार्ड दिया जो साफ नहीं था. जिस पर स्टाफ ने कोई दूसरा पहचान पत्र दिखाने के लिए बोला तो वो शख्स अपने साथ आए साथी के साथ वहां से निकल गया।

इस मुद्दे पर देखिए, सत्य हिंदी के वरिष्ठ पत्रकार शीतल पी. सिंह का वीडियो-