दिल्ली दं’गा: क्या हिन्दू क्या मुसलमान सबसे पहले वो थे इंसान, नफ़रत की इस आग ने किसी को भी नहीं छोड़ा

दिल्ली में शुक्रवार को तनावपूर्ण हालात के बीच शांति का महोला रहा। पुलिस दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाकों में कई जगह तलाशी ले रही है। इस बीच बर लिखे जाने तक मौ’तों का आंकड़ा 42 हो गया है। अभी तक 48 एफआईआर दर्ज हो चुकी है और 136 दंगाई गिरफ्तार किए जा चुके हैं। सभी मामलों की जांच के लिए क्राइम ब्रांच की दो एसआईटी गठित की गई है।

बता दें दिल्ली में हुई हिं’सा के बाद मौ’तों का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है. इस हिं’सा में कई लोगों ने अपनों को खोया. कई लोगों के घर, दुकान, गाड़ियां सब जला दिए गए. वही इंडिया टुडे की खबर के अनुसार इंडिया टुडे कि टीम ने हिं’सा प्रभावित इलाकों का दौरा किया लोगों से बात की टीम ने ये जानने की कोशिश की कि हिं’सा के दौरान आखिर हुए क्या था।

वही स्थानीय लोगों का दावा है की यह दं’गे सुनियोजित साजिश के तहत करवाए गए हैं। दिल्ली के खजूरी खास इलाके जहां भ’ड़के दं’गों में दं’गाइ’यों ने एक मोहल्ले में रहने वाले सभी मुसलमान और हिन्दुओं के घरों को जला दिया। बता दें कि दिल्ली का खजूरी खास इलाका हिंदू बहुल इलाका है, लेकिन पी’ड़ित अनीस के अनुसार उनके घर पर ह’मले में उनका कोई भी पड़ोसी शामिल नहीं था।

35 वर्षीय मुबारक अली पेशे से पेंटर था और उसके परिवार में पत्नी और तीन बच्चे बचे हैं। इनमें दो बेटियां और एक बेटा शामिल है। मुबारक अली के भतीजे ने बताया कि वह भजनपुरा में काम करते थे और वहीं से लौट रहे थे, हमें तीन दिनों तक उनके बारे में पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अभी तक उनका कुछ पता नहीं है।

24 वर्षीय आलोक तिवारी यूपी के हरदोई का मूल निवासी आलोक तिवारी दिल्ली के करावल नगर इलाके में अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ रहते थे। जीटीबी अस्पताल की मोर्चरी के बाहर खड़े उसके बड़े भाई ने बताया कि इस खबर से हमारा परिवार कैसे डील कर रहा है, मैं उसे व्यक्त नहीं कर सकता। वह बहुत जल्द चला गया।

32 वर्षीय मोहम्मद इरफान के परिवार में उसकी पत्नी और दो बच्चे हैं। इरफान बतौर मजदूरी का काम करता था। जीटीबी मोर्चरी के बाहर खड़ी इरफान की मां खुरेशा लगातार रो रही हैं, जबकि इरफान का बड़ा भाई फुरकान उन्हें दिलासा देने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने बताया कि वह 8000 रुपए प्रतिमाह कमाता था, अब उसके परिवार की देखभाल कौन करेगा?

23 वर्षीय राहुल ठाकुर भजनपुरा निवासी राहुल सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहा था। वह अपने परिवार में सबसे छोटा था। राहुल के सीने में गो’ली लगी थी। राहुल के चचेरे भाई अंकित ने बताया कि इलाके में कोई एंबुलेंस नहीं थी। हम लोग उसे स्कूटर पर बैठाकर पास के क्लीनिक ले गए, जहां से उसे जीटीबी अस्पताल रेफर कर दिया गया। लेकिन कुछ घंटे बाद उसने द’म तोड़ दिया।

22 वर्षीय मोहम्मद सुलेमान यूपी के हापुड़ का मूल निवासी था और बीते सोमवार से लापता था। गुरुवार को उसके भाई यूनुस ने जीटीबी अस्पताल पहुंचकर सुलेमान के श’व की पहचान की।

25 वर्षीय अंकित शर्मा आईबी के कर्मचारी अंकित शर्मा का श’व चांदबाग इलाके के नाले से बरामद हुआ था। आप पार्षद ताहिर हुसैन पर अंकित शर्मा की ह#त्या में शामिल होने का आरोप लगा है। जिसकी फ़िलहाल जांच चल रही है।

22 वर्षीय मोहम्मद शाहबान दिल्ली के मुस्तफाबाद इलाके का रहने वाला मोहम्मद शाहबान की मौ’त गो’ली लगने से हुई। शाहबान अपनी वेल्डिंग की दुकान के नजदीक था, जब उसे गो’ली लगी। मृ’तक के परिजनों का कहना है कि दं’गाई’यों ने उसकी दुकान को भी जला डाला।

32 वर्षीय संजीत ठाकुर जो एक वेल्डिंग यूनिट में काम करता था। ठाकुर के परिवार में उसकी पत्नी और दो बच्चे हैं। खजूरी खास इलाके के रहने वाले संजीत की मौ’त प’त्थर लगने से उस वक्त हुई, जब वह अपने घर जा रहा था।

42 वर्षीय रतन लाल दिल्ली पुलिस में हेड कॉन्स्टेबल रतन लाल साल 1998 में पुलिस में भर्ती हुए थे। फिलहाल वह गोकुलपुरी में एसीपी ऑफिस में तैनात थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी और तीन बच्चे हैं।

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