अगर और आगे बढ़ा लॉकडाउन तो क्या होगी आपकी नौकरी का, देखिए रौं’गटे खड़े कर देने वाली रिपोर्ट

इसमें कोई दो राय नहीं कि देश की राजनीति में मुद्दों की बजाय नेताओं की भक्ति ने जोर पकड़ लिया है. नेताओं की भक्ति में कोई एक अकेला दल शामिल नहीं है बल्कि हर दल में नेताओं के ऐसे तमाम लोग मौजूद हैं. इनको न तो नीतियों की समझ है और न मुद्दों से सरोकार. हर हाल में नेता का महिमामंडन और गुणगान करना ही इनके लिए राष्ट्रधर्म है. बाकी का काम करने के लिए पार्टियों की आईटी सेल और व्हाटसएप्प यूनिवर्सिटी से प्रसारित होने वाले फर्जी खबरें और आंकड़े हैं ही.

सब जानते हैं कि देश में कोरोना की पहली खबर आते ही कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सरकार को आगाह किया था और तत्काल एक्शन की मांग की थी लेकिन तब की सरकार ने इसे अनसुना किया और आईटी सेल ने राहुल गांधी को पप्पू बताने का काम शुरु कर दिया लेकिन इसका खामियाजा आज देश भुगत रहा है.

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क्या होगा आपकी नौकरियों का

संभव है कि आप सत्ताधारी दल भाजपा के समर्थक होंगे लेकिन आप देश की च’रमरा चुकी अर्थव्यवस्था से वाकिफ होंगे. रिर्जव बैंक का इमरजें’सी फंड की स्थिति से भी आप अवगत होंगे, ऐसी स्थिति में अगर लॉकडाउन पी’रियड 3 मई से आगे बढ़ता है तो ऐसी भ’याव’ह स्थिति आने वाली है.

जिसे सुनकर ही आपके रौं’गटे खड़े हो जाएंगे. एक रिपोर्ट के अनुसार इसकी सबसे बड़ी मा’र निजी क्षेत्र की नौकरियों पर पड़ने वाली है. पहले से ही देश में बेरोजगारी की दर कई दशकों के उच्चतम स्तर पर पहुंच चुकी है.

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1.7 करोड़ दुकानें हो जाएंगी बंद

ग्लोबल अलायंस फॉर मास इंटरप्रिन्योरशिप के चेयरमैन रवि वेंकटेसन की मानें तो अगर लॉक डाउन 04 से 08 सप्ताह तक आगे बढ़ता है तो करीब 1.7 करोड़ एमएसएमई दुकानों में ताला लग जाएगा.

देश में वर्तमान समय में ऐसी 6.9 करोड़ दुकानें हैं. वेंकटेसन की मानें तो रिटेल इंडस्ट्री से 1.1 करोड़ लोगों की नौकरियां जा सकती हैं जबकि हॉस्पीटैलिटी सेक्टर से 1.2 करोड़ नौकरियां खत्म हो सकती हैं.

इतने बड़े पैमाने पर जब नौकरियों पर सं’कट आएगी तो देश में त्राहिमाम का माहौल बनना तय है लेकिन यह भी सत्य है कि जब कोरोना से निपटने के लिए उचित वक्त था तब मध्य प्रदेश में विधायकों की खरीद फरोख्त में लोग जुटे हुए थें.

हालांकि भारत सरकार के कैबिनेट सचिव का कुछ दिनों पहले बयान आया कि लॉकडाउन की अवधि आगे नहीं बढ़ाई जाएगी. अभी इस तरह का कोई प्रस्ताव नहीं है. ईश्वर करें, ऐसा ही हो. हमारे देश और देशवासियों की रोजी रोटी और नौकरी सलामत रहे, हम यही दुआ कर सकते हैं.

Source: money.bhaskar