VIDEO: क्या बैन होने वाले हैं चाइनीज़ मोबाइल Xiaomi और Oppo? सरकार के इन इशारों को समझें

भारत सरकार ने हाल ही में चीन से सीमा तनाव के बीच बिना चीन का नाम लिए 59 चाइनिस एप्प को प्रतिबंधित करके सभी को हैरान कर दिया. इस तरह भारत ने चीन के सबसे संवेदनशील हिस्से यानि उसकी अर्थव्यवस्था पर करारा प्र’हार किया है. भारत सरकार ने पहले चीनी एप्स को बैन किया और फिर भारतीय परियोजनाओं में चीन की कंपनियों की हिस्सेदारी पर कई नए प्रतिबंध और नियम लागू कर दिये गए.

इसके साथ ही देश भर में चीन के सामान का बहिष्कार शुरू हुआ. चीन भारत की इस आर्थिक स्ट्राइक से उभर भी नहीं पाया उससे पहले ही अब भारत में अगला कदम उठाने की आहटें तेजी होती जा रही हैं.

खबरों की मानें तो भारत में अब चीनी स्मार्टफोन को भारतीय मार्केट से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता हैं. इसकी बहुत संभावनाएं है कि भारत अपने मार्केट में चीनी स्मार्टफोन की बिक्री को बंद कर सकती हैं.

अगर हम मोदी सरकार के पिछले कुछ दिनों में लिए गए फैसलों में नजर डाले तो आपको भी पता चलेगा कि शायद अब मोदी सरकार वास्तव में चीनी स्मार्टफोन पर प्रतिबंध लगाने का विचार बना रही हैं.

मौजूदा दौर में भारत में सर्वाधिक स्मार्टफोन बेचने वाले चीनी स्मार्टफोन ब्राण्ड शाओमी और ओप्पो को अब भारत में व्यापार करने में कई मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है.

 

कहीं उनके उत्पादों को देश में एंट्री करने से रोक दिया जा रहा हैं तो कहीं पर उन्हें सरकारी एजेंसियों से आवश्यक स्वीकृति नहीं मिल रही या समय पर नहीं मिल पा रही हैं.

इसके अलावा एक सरकारी ऑफिसर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि भारत सरकार अगस्त माह के अंत तक एक ऐसी पॉलसी लागू कर सकती है जिसमें घटिया चीनी उत्पादों के क्रय विक्रय पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी. अगर यह कदम उठाया जाता हैं तो इसमें कोई हैरानी नही होगी.

दरअसल चीनी स्मार्टफोन काफी खतरनाक हैं और यह दावा फोर्ब्स मैगजीन द्वारा हाल ही में किया गया हैं. फ़ोर्ब्स मैगजीन ने बताया कि कुछ शोधकर्ताओं का दावा है कि Xiaomi ना सिर्फ आपके फोन में इन्स्टाल एप्स का डाटा चीन सर्वर में भेजता है, बल्कि आपके वेब browser में सर्च किये गए URLs से जुड़ी जानकारी भी चीन भेजता हैं.

वहीं रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक भारत की सरकारी एजेंसियां चीन के इन ब्राण्ड्स को मिलने वाली स्वीकृति देने में बहुत विलंब कर रही है, जिसके चलते इन ब्राण्ड्स को अपने उत्पाद भारत लाने और उन्हें बेचने में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है.

साभार- tfipost