यूपी में योगी सरकार ने बैन की अजान? सोशल मीडिया पर ट्रेंड हुआ #AzaanBandNahiHogi

यूपी में योगी सरकार ने बैन की अजान? सोशल मीडिया पर ट्रेंड हुआ #AzaanBandNahiHogi

लखनऊ: चाँद के दीदार के साथ ही सारी दुनिया में अल्लाह की इबादत के लिए सबसे पाक महीना रमजान शुरू हो गया है. और इसके साथ ही दुनियाभर से लोग एक दूसरे को रमजान की मुबारक बाद देने लगे है. हलाकि इस बार का रमजान और साल जैसा नहीं होगा क्याकि कोरोना के बढ़ते प्रकोप के कारन सभी धर्मिक स्थल बंद कर दिए है. इस बार तारावही की नमाज मस्जिदों में ना पढ़ते हुए घरों से ही अता करने को कहा गया है।

वही लॉकडाउन में सोशल डिस्टेंस का ख्याल रखते हुए दिल्ली वक्फ बोर्ड ने मुस्लिम समुदाय से अपील की है कि वे कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए घर से ही इबादत करने को कहा है. बोर्ड ने उसके तहत आने वाली मस्जिदों से महा’मा’री से निपटने के दिशा निर्देशों को लेकर जागरूकता फैलाने को भी कहा है. और मस्जिद में नमाज़ पढाने वाले इमाम, अज़ान देने वाले मुअज़्ज़िन और मुतवल्ली संरक्षक ही नमाज़ पढ़ सकते हैं।

इस बीच सोशल मीडिया पर कुछ लोग दावा कर रहे हैं कि उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने मस्जिदों से अजान पर पाबंदी लगा दी है. हालांकि यह दावा बेबुनियाद है, यूपी सरकार की ओर से अजान पर किसी तरह की रोक नहीं लगाई गई है।

दरअसल सोशल मीडिया पर पूर्व राज्यसभा सांसद शाहिद सिद्दिकी समेत कई यूजर्स ने दावा किया है कि प्रदेश में अजान पर रोक लगा दी गई है. शाहिद ने ट्वीट किया, रमजान में अजान बहुत महत्वपूर्ण होती है. यह एक क्षेत्र विशेष के लोगों को सेहरी और इफ्तार के बारे में बताती है। इसे सुनकर ही लोग अपना रोजा तोड़ते हैं।

भारत समेत पूरी दुनिया में कहीं पर भी अजान पर रोक नहीं लगाई गई है, फिर इसे यूपी में क्यों रोका गया है? शाहिद के अलावा कई अन्य यूजर्स ने भी इसे लेकर ट्वीट किए हैं. हालांकि सोशल मीडिया पर किए जा रहे ये दावे पूरी तरह से गलत हैं।

जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में रमजान के दौरान मस्जिदों से अजान पर किसी तरह की कोई रोक नहीं लगाई गई है. हालांकि मस्जिदों में नमाज पढ़ने को लेकर जरूर रोक है. मस्जिद में सिर्फ नमाज़ पढाने वाले इमाम, अज़ान देने वाले मुअज़्ज़िन और मुतवल्ली संरक्षक को मिलकर केवल 5 लोग ही नमाज़ पढ़ सकते हैं।

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