यूपी की राजनीति में बड़ा फेरबदल, योगी सरकार के मंत्री दे सकते हैं इस्तीफा भाजपा से तोड़ सकते हैं नाता?

लोकसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में बीजेपी को बड़ा झटका लग सकता है, उत्तर प्रदेश में विपक्ष जहां एकजुट होने की कोशिश में जुटा है. वहीं,योगी सरकार में पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री और एनडीए में सहयोगी दल सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर शनिवार यानी आज 16वें स्थापना दिवस पर राजधानी लखनऊ के रमाबाई अंबेडकर मैदान में 27 अक्टूबर को रैली करने जा रहे हैं. माना जा रहा है कि इस रैली में वो बीजेपी से नाता तोड़कर अलग हो सकते हैं।

अमित शाह को 26 अक्टूबर तक का दिया था वक्त

बता दें कि राजभर ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से आरक्षण में अति पिछड़ों और अति दलितों का कोटा निर्धारित करने के तय समय सीमा दे रखी है इसीलिए राजभर ने योगी सरकार को 26 अक्टूबर तक का वक्त दिया था। राजभर के मुताबिक, भाजपा ने कहा था कि वो पिछड़ी जाति के बीच आरक्षण का बंटवारा करेगी। पिछड़ा अति पिछड़ा और बहुत ज्यादा पिछड़ा करके सभी जातियों की भागीदारी तय की जाएगी लेकिन ऐसा किया नहीं गया।

राजभर ने कहा कि पिछड़ों को लेकर राज्य सरकार का रवैया उपेक्षापूर्ण रहा है। भाजपा नेता सार्वजनिक मंचों से पिछड़ों के हितों की बात तो करते हैं लेकिन फैसले के वक्त इसे टाल देते हैं। राजभर के मुताबिक वह कई मौकों पर भाजपा आलाकमान से पिछड़े और गरीबों को आरक्षण का लाभ देने के लिए इसमें बंटवारे की गुजारिश भी कर चुके हैं, मगर अभी तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला।

सूत्रों की मानें तो राजभर इसी रैली में योगी सरकार के मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने और बीजेपी का साथ छोड़ने का एलान कर भी सकते हैं पार्टी नेताओं को लगता है कि अब समझौते की गुंजाइश नहीं बची है पिछड़ों और अति पिछड़ों के हितों से जुड़े कई मुद्दों पर बीजेपी का रवैया लगातार उपेक्षापूर्ण है।

 

उन्होंने कहा, अब कितनी और प्रतिक्षा करें। मेरे लिए पिछड़ो का हित और उनकी समस्याओं का समाधान सत्ता से बड़ा है। छह महीने पहले भी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने भी भरोसा दिया था कि पिछड़ों और अति पिछड़ों के बीच आरक्षण बंटवारे के मुद्दे पर टोस कदम उठाए जाएंगे। लेकिन कुछ नहीं हुआ अब तो लोकसभा चुनाव आ रहे और फरवरी में अधिसूचना भी जारी हो जाएगी।