शर्मनाक: किसान आंदोलन को लेकर ज़ी न्यूज़ के पत्रकार सुधीर चौधरी की घटिया टिप्पणी, सोशल मीडिया पर लोगों ने सबक सिखाया

सुधीर चौधरी ने किसान आंदोलन में शामिल लोगों को खालिस्तानी बताया, इसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने उन्हें काफी कुछ कहा, देखिये

नई दिल्ली, 30 नवंबर 2020: केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि अध्यादेश के खिलाफ दिल्ली में किसान आंदोलन चल रहा है जहां एक और किसान सड़कों पर डटे हुए हैं वहीं दूसरी ओर देश के बहुचर्चित लोग किसान आंदोलन पर अपनी अपनी प्रतिक्रियाएं रहे हैं। जहां कुछ लोग इसे समर्थन देते हुए दिखाई रहे हैं वही कुछ ऐसे है जो इस आंदोलन को एजेंडा करार दे रहे हैं।

इन्हीं बहुचर्चित लोगों में एक समाचार चैनल ‘जी न्यूज’ के प्रधान संपादक और एंकर सुधीर चौधरी। सुधीर चौधरी, जी न्यूज के editor-in-chief हैं तथा उनका शो डीएनए काफी पॉपुलर है। सुधीर चौधरी अपने शो डीएनए (DNA) में किसान आंदोलन को लेकर चर्चा कर रहे थे इसी चर्चा के बीच उनकी किसान आंदोलन पर की गई एक टिप्पणी भारी पड़ गई। उनकी इस टिप्पणी के बाद लोग उन्हें जमकर ट्रोल कर रहे हैं।

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दरअसल सुधीर चौधरी अपने डीएनए शो में किसान आंदोलन से जुड़ी एक वीडियो पर बात कर रहे थे उस वीडियो में एक शख्श यह कहता हुआ दिखाई दे रहा है कि ‘अगर मीटिंग में कुछ हल नहीं होता है तो वह बैरिकेटिंग तो क्या उनको भी ढहा देंगे। शख्स आगे कह रहा है कि हमारे उधम सिंह का कनाडा की धरती पर शहीद हुए तो यह तो दिल्ली है, उसने आगे यह भी कहा कि हमने इंदिरा ठोक दी तो मोदी की छाती पर भी।

इसी वीडियो को लेकर सुधीर चौधरी ने किसान आंदोलन पर एक टिप्पणी की उन्होंने कहा कि यह बयान बहुत खतरना’क है इसे गंभीरता से लेना चाहिए। इस बयान से आंदोलनकारियों की मंशा का पता चलता है। यह एक किसान की भाषा नहीं हो सकती।

उन्होंने आगे कहा कि जब किसान से उनकी रणनीति पूछी गई तो वह धम’की देता हुआ दिखा जिससे लगता है कि इस आंदोलन में खा’लिस्ता’न की एंट्री हो चुकी है। सुधीर चौधरी ने कहा कि इस आंदोलन को किसान आंदोलन नहीं कहा जा सकता इस आंदोलन को अब राजनीतिक पार्टियों और खा’लिस्ता’नी होने हाईजै’क कर दिया है।

आपको बता दें सुधीर चौधरी की इस टिप्पणी का छोटा सा वीडियो अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है लोग इस वीडियो पर जमकर प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। एक यूजर ने लिखा कि गोदी मीडिया कुछ तो शर्म करो अगर देश को अनाज देने वाले आपको आ#तंकवा’दी लगते हैं तो आप पर लानत है।

वहीं एक अन्य यूज़र ने तो यहां तक लिखा कि सुधीर चौधरी आप बीजेपी की भाषा बोलते हैं आप एक निष्पक्ष पत्रकार की भाषा नहीं बोलते आप जैसे पत्रकार ही दूसरा जलि’यांवा’ला बाग बनाना चाहते हैं।