नोएडा: Zee News में कोरोना वायरस ने मचाई तबाही, पूरी बिल्डिंग को किया गया सील 252 कर्मचारी….

देश भर में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच एक बड़ी कार्रवाई की गई है. खबरों के अनुसार नोएडा स्थित जी न्यूज़ की मीडिया बिल्डिंग को सील कर दिया गया हैं. बता दें कि कोरोना के मामले देश भर में तेजी से बढ़ रहे है, कोरोना से सुरक्षा ही उससे बचने का तरीका है. लेकिन जी न्यूज़ में लापरवाही के चलते बड़ी तादात में कर्मचारियों के पॉजिटिव पाने जाने का मामला सामने आया था जिसके बाद अब यह कार्रवाई की गई है.

आपको बता दें कि इससे पहले जी न्यूज़ के एडिटर एंड चीफ सुधीर चौधरी  कोरोना संक्रमण के मुद्दे को लेकर ट्विटर पर ट्रेंड कर रहे है. इस दौरान वकील प्रशांत भूषण और सुधीर चौधरी के बीच सोशल मीडिया पर तीखी बहस भी देखने को मिली थी. इस दौरान जी न्यूज़ के कर्मचारियों के कोरोना पॉजिटिव होने की बात सुधीर चौधरी ने सिरे से ख़ारिज कर दी थी.

इतना ही नहीं सुधीर ने इसे टु’कड़े-दुकड़े गैंग की साजिश बताया था. इससे पहले दिल्ली में तबलीगी जमात के मामले को लेकर सुधीर ने जेहाद शब्द का उपयोग किया गया. इसी को याद दिलाते हुए अब सुधीर को ट्रोल किया जा रहा हैं. ट्रोल करने वालों में प्रशांत भूषण भी शामिल रहे और उन्होंने सुधीर पर तीखा हमला बोला.

प्रशांत भूषण ने अपने ट्वीट में लिखा कि ज़ी न्यूज़ के सभी कर्मचारी चाहते है कि उनका टेस्ट हो और वह वर्क फॉर्म होम करे और सिर्फ जरुरी लोग ही ऑफिस में आए. लेकिन सुधीर चौधरी उनकी बात नहीं मान रहे और उन्होंने सबको धमकाते हुए कहा कि मैं कल से यह नहीं सुनना चाहता कि किसी को बुखार आ रहा है किसी को खांसी आ रही हैं.

इसके साथ ही प्रशांत ने लिखा कि क्या इसे तिहाड़ नहीं भेजा जाए. इस दौरान भूषण ने कई ऐसे ट्विट को रीट्वीट भी किया जिन पर सुधीर पर तीखी तंज कसे गए थे. अब मामला खुल के सामने आ गया है और जी न्यूज़ में अब तक 29 लोगों के पॉजिटिव पाए जाने की पुष्टि हो गई है जबकि 257 कर्मचारियों की स्क्रीनिंग की जा रही हैं.

वहीं 400 कर्मचारियों में 252 कर्मचारियों को घर पर क्वारंटीन किया गया था. इसके साथ ही जिला प्रशासन द्वारा नोएडा सेक्टर-16 स्थित जी मीडिया कारपोरेशन लिमिटेड की पांच मंजिला इमारत को सील कर दिया गया है. इसके साथ ही बिल्डिंग को सैनिटाइजेशन करने का काम भी शुरू कर दिया गया है.

इसे लेकर एक बार फिर से भूषण ने सवाल उठाया है कि आखिर अब तक क्यों जी के प्रबंधन और सुधीर चौधरी को गिरफ्तार नहीं किया गया है. उन्होंने कोविड-19 से पीड़ित अपने कर्मचारियों को काम पर लगाया जो कि आपदा प्रबंधन अधिनियम और महामारी अधिनियम का खुले तौर पर उल्लंघन है.